गुरु पूर्णिमा पर ग्रहण, सात राशियों के लिए अशुभ
चंद्रग्रहण का धार्मिक महत्व-
चंद्र ग्रहण को धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, इसका राशियों पर भी प्रभाव पड़ता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के बाद स्नान ध्यान और दान पुण्य किया जाता है. चंद्र ग्रहण घटित होने के बाद सरोवर में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं. वहीं गेहूं, चावल, दाल, गुड़ चना, वस्त्र, आभूषण जैसी चीजों का दान करने से जीवन में खुशहाली आती है.
गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक साथ
इस वर्ष 16 जुलाई को खग्रास चंद्र ग्रहण होने वाला है. यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकेगा. यह चंद्र ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन यानी कि 16 जुलाई की रात में पड़ रहा है. पिछले साल भी चंद्र ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन ही लगा था. 16 जुलाई को होने वाली इस अद्भुत खगोलीय घटना की अवधि करीब तीन घंटे तक रहेगी. 16 की रात करीब 1.32 बजे ग्रहण की शुरुआत होगी और रात 3 बजे तक ग्रहण का मध्य रहेगा और सुबह 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा. कुल मिलाकर करीब 3 घंटे तक लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे.चूंकि इस ग्रहण का प्रभाव चंद्रमा के 63 प्रतिशत भाग पर ही रहेगा अत: खग्रास चंद्रग्रहण समझने की भूल न करें। यह पूर्ण रूप से खण्ड ग्रास ही रहेगा। यह ग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के प्रथम चरण में आरंभ होकर द्वितीय चरण में प्रारंभ होगा। इसलिए इस ग्रहण का प्रभाव धनु एवं मकर राशि उत्पन्न जातकों के लिए विशेष रूप से प्रभावकारी रहेगा।
India Astrology Foundation के संस्थापक ज्योतिर्विद श्यामा गुरुदेव के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारतीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है. राजनीति से संबंध रखने वाले लोग जिनकी राशि मेष,वृष, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर है उन्हें इससे फायदा होगा.
17 जुलाई से शुरू होंगे श्रावण मास के पहले व्रत
हैरान करने वाली बात तो ये है कि 17 जुलाई से श्रावण मास (Savan Fast) भी शुरू हो रहे हैं यानी की 17 को सावन के पहले सोमवार का व्रत पड़ रहा है। हिंदू पंचाग (Hindu Calendar) के मुताबिक, यह चंद्र ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है।
किन बातों का विशेष ध्यान रखना है
ग्रहणकाल में अन्न, जल करने से
बचें।
ग्रहण लगने के समय स्नान करना
है वर्जित। लेकिन ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान कर लें।
खुली आंखों से ग्रहण को ना
देंखे, इससे आंखों पर बूरा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि चंद्र
ग्रहण देखने से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं होता।
ग्रहणकाल के दौरान गुरु
प्रदत्त मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
ग्रहण लगने के समय गर्भवती
स्त्रियां नहीं निकले घर से बाहर।
जानिए किन राशियों पर होगा चंद्र ग्रहण का प्रभाव
मेष —
इस राशि के जातकों पर भाग्य और कर्म राशि को प्रभावित करने वाले ग्रहण से कुछ कार्यबाधा और कष्टकारक यात्राएं करनी पड़ सकती है। मेष राशि वाले लोगों पर चंद्र ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है. मेष राशि वालों को अपने छोटे से छोटो कामों के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है साथ ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. मेष राशि के लोग इन मुसीबतों से बचने के लिए गुड़ और मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से उनके शरीरिक पर आने वाली मुसीबत टल सकती है और आर्थिक हानि से भी बच सकते हैं.कार्य विस्तार की दृष्टि से कुछ दिनों के लिए थोड़ी अशांति रहेगी, किंतु धीरे—धीरे सब ठीक हो जाएगा।
इस राशि के जातकों पर भाग्य और कर्म राशि को प्रभावित करने वाले ग्रहण से कुछ कार्यबाधा और कष्टकारक यात्राएं करनी पड़ सकती है। मेष राशि वाले लोगों पर चंद्र ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है. मेष राशि वालों को अपने छोटे से छोटो कामों के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है साथ ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. मेष राशि के लोग इन मुसीबतों से बचने के लिए गुड़ और मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से उनके शरीरिक पर आने वाली मुसीबत टल सकती है और आर्थिक हानि से भी बच सकते हैं.कार्य विस्तार की दृष्टि से कुछ दिनों के लिए थोड़ी अशांति रहेगी, किंतु धीरे—धीरे सब ठीक हो जाएगा।
वृषभ —
इस राशि के लिए ग्रहण अष्टम एवं नवम भाव
के लिए प्रभावकारी रहेगा, अत: रोग से कष्ट और अन्य स्वास्थ्य
संबंधी परेशानियां तंग करेंगी। जल से जुड़े खतरे हो सकते हैं। साथ जल से संबंधित
रोग की भी आशंका है। इस राशि के लोगों अपनी सेहत और संतान पर किसी तरह की कोई
मुसीबत आने से बचाने के लिए चंद्र ग्रहण का सूतक लगने से पहले ही श्री सूक्त का
पाठ करें. इसके अलावा मंदिर में दान करना न भूलें.चूंकि इस ग्रहण का
प्रभाव भाग्य भाव को भी प्रभावित करेगा,
अत: बनने वाले
कार्य थोड़ा समय लेंगे।
मिथुन —
इस राशि के जातकों
के लिए इस ग्रहण का प्रभाव सातवें और आठवें भाव पर रहेगा, अत: दांपत्य जीवन के प्रति सजग रहें। कोई भी आपसी विवाद और मतभेद न पैदा होने
दें। कोर्ट कचहरी के मामले घर से बाहर निबटा लें तो बेहतर रहेगा। मिथुन राशि के
लोगों पर चंद्र ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है और उसके जीवन में कई तरह की
मुसीबतें आ सकती हैं. मिथुन राशि के लोग चंद्र ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए इस
दिन गाय को पालक या घास खिलाएं. इसके अलावा वो किसी गऊशाला में जाकर चारा आदि दान
कर सकते हैं. इस दौरान आय तो खूब होगी किंतु आपका व्यय भी उसी तरह से होगा, अत: आर्थिक तंगी से बचें।
कर्क —
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण छठे और सातवें भाव को प्रभावित करेगा, अत: शत्रु तो परास्त होंगे, किंतु रोमांस के मामलों में थोड़ी निराशा हाथ लगेगी।
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण छठे और सातवें भाव को प्रभावित करेगा, अत: शत्रु तो परास्त होंगे, किंतु रोमांस के मामलों में थोड़ी निराशा हाथ लगेगी।
कर्क राशि वालों के लिए ये चंद्र ग्रहण अशुभ रहने वाला है. इसकी वजह से घर में आपसी झगड़ और परिवार में मनमुटाव आ सकता है. साथ ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. कर्क राशि के लोग चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा करें. बेहतर
रहेगा कि अपनी
जिद और अपने
क्रोध पर नियंत्रण
रखें। कोई भी
कार्य जब तक
नहीं पूरा कर
लें, उसे गोपनीय
रखें।
सिंह —
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण पांचवें और छठे भाव को प्रभावित करेगा। जिसके फलस्वरूप संतान संबंधी चिंता बढ़ सकती है। विद्यार्थियों के लिए विशेष सलाह है कि शिक्षा के प्रति अथवा किसी भी तरह की प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं तो लापरवाही न करें। पूरे मन से तैयारी करें। सिहं राशि के लोग चंद्र ग्रहण के अशुभ परिणामों से बचने के लिए गायत्री मंत्र के 21 माला का जाप करें. इसके अलावा ग्रहण लगने के समय मंत्र का भी जाप करें.
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण पांचवें और छठे भाव को प्रभावित करेगा। जिसके फलस्वरूप संतान संबंधी चिंता बढ़ सकती है। विद्यार्थियों के लिए विशेष सलाह है कि शिक्षा के प्रति अथवा किसी भी तरह की प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं तो लापरवाही न करें। पूरे मन से तैयारी करें। सिहं राशि के लोग चंद्र ग्रहण के अशुभ परिणामों से बचने के लिए गायत्री मंत्र के 21 माला का जाप करें. इसके अलावा ग्रहण लगने के समय मंत्र का भी जाप करें.
कन्या —
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण चतुर्थ और पंचम भाव को प्रभावित करेगा, अत: मानसिक अशांति और पारिवारिक कलह से बचें। यात्रा के समय सामान चोरी होने से बचाएं। कन्या राशि के लिए भी चंद्र ग्रहण अशुभ ही होने वाला है. हालांकि कन्या राशि के लोगों पर ग्रहण का अच्छे और बुरे दोनों परिणाम देखने को मिलेंगे. कन्या राशि के लोग चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए उपाय के रूप में किसी भी किन्नर को हरे रंग का चूड़ियां दान करें. खुशी की बात यह है कि इस ग्रहण के शुभ प्रभाव स्वरूप आपके परिवार में संतान प्राप्ति का योग बनेगा।
इस राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण चतुर्थ और पंचम भाव को प्रभावित करेगा, अत: मानसिक अशांति और पारिवारिक कलह से बचें। यात्रा के समय सामान चोरी होने से बचाएं। कन्या राशि के लिए भी चंद्र ग्रहण अशुभ ही होने वाला है. हालांकि कन्या राशि के लोगों पर ग्रहण का अच्छे और बुरे दोनों परिणाम देखने को मिलेंगे. कन्या राशि के लोग चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए उपाय के रूप में किसी भी किन्नर को हरे रंग का चूड़ियां दान करें. खुशी की बात यह है कि इस ग्रहण के शुभ प्रभाव स्वरूप आपके परिवार में संतान प्राप्ति का योग बनेगा।
तुला —
इस राशि के लिए इस ग्रहण का प्रभाव पराक्रम एवं सुख भाव में पड़ेगा, अत: पराक्रम में वृद्धि तो होगी। कामयाबी भी खूब मिलेगी, किंतु बड़े भाईयों अथवा परिवार के बड़े सदस्यों के साथ मतभेद पैदा हो सकता है। तुला राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण शुभ होगा. इस राशि के जातकों को चारों तरफ से फायदा मिल सकता है. हालांकि उसका धन ज्यादा जरूर खर्च हो सकता है. इसके लिए तुला राशि के लोग श्री सूक्त के 11 पाठ जरूर करें. यात्रा के दौरान जेबकतरों से सावधान रहें।
इस राशि के लिए इस ग्रहण का प्रभाव पराक्रम एवं सुख भाव में पड़ेगा, अत: पराक्रम में वृद्धि तो होगी। कामयाबी भी खूब मिलेगी, किंतु बड़े भाईयों अथवा परिवार के बड़े सदस्यों के साथ मतभेद पैदा हो सकता है। तुला राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण शुभ होगा. इस राशि के जातकों को चारों तरफ से फायदा मिल सकता है. हालांकि उसका धन ज्यादा जरूर खर्च हो सकता है. इसके लिए तुला राशि के लोग श्री सूक्त के 11 पाठ जरूर करें. यात्रा के दौरान जेबकतरों से सावधान रहें।
वृश्चिक —
इस राशि के जातकों के लिए ग्रहण का प्रभाव द्वितीय एवं तृतीय भाव पर पड़ेगा, अत: इसका फल मिला-जुला रहेगा। आकस्मिक धन प्राप्ति होगी तो वहीं उसी मात्रा में व्यय होगा। रुका हुआ धन आएगा, किंतु सेहत संबंधी चिंताएं भी परेशान करेंगी। अपनी उर्जा शक्ति का पूरा उपयोग करते हुए रणनीतियों को गुप्त रखें, तो सफलताएं आपका कदम चूमेंगी। वृश्चिक राशि के लोग चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण लगने से पहले हनुमान जी की आराधना करें. उसे ग्रहण से पहले मंदिर पहुंचकर हनुमान जी के सामने घी के दिए जलाने चाहिए.
इस राशि के जातकों के लिए ग्रहण का प्रभाव द्वितीय एवं तृतीय भाव पर पड़ेगा, अत: इसका फल मिला-जुला रहेगा। आकस्मिक धन प्राप्ति होगी तो वहीं उसी मात्रा में व्यय होगा। रुका हुआ धन आएगा, किंतु सेहत संबंधी चिंताएं भी परेशान करेंगी। अपनी उर्जा शक्ति का पूरा उपयोग करते हुए रणनीतियों को गुप्त रखें, तो सफलताएं आपका कदम चूमेंगी। वृश्चिक राशि के लोग चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण लगने से पहले हनुमान जी की आराधना करें. उसे ग्रहण से पहले मंदिर पहुंचकर हनुमान जी के सामने घी के दिए जलाने चाहिए.
धनु —
इस राशि पर पड़ने वाला ग्रहण बहुत बड़ा नुकसान तो नहीं करेगा, किंतु मानसिक अशांति देगा। आज के दिन आप वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं और झगड़े विवाद से बचें। कम से कम दो सप्ताह तक अपने आवेश पर नियंत्रण रखें। धनु राशि के लोगों पर भी चंद्र ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है और उनके जीवन में कई तरह की मुसीबतें आ सकती हैं. परिवार और जीवनसाथी के संग दूरियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में धनु राशि के लोग ग्रहण के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें गाय को हरा चारा जरूर खिलाए.
इस राशि पर पड़ने वाला ग्रहण बहुत बड़ा नुकसान तो नहीं करेगा, किंतु मानसिक अशांति देगा। आज के दिन आप वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं और झगड़े विवाद से बचें। कम से कम दो सप्ताह तक अपने आवेश पर नियंत्रण रखें। धनु राशि के लोगों पर भी चंद्र ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है और उनके जीवन में कई तरह की मुसीबतें आ सकती हैं. परिवार और जीवनसाथी के संग दूरियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में धनु राशि के लोग ग्रहण के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें गाय को हरा चारा जरूर खिलाए.
मकर —
इस राशि पर पड़ने वाला ग्रहण भी मिश्रित फल देगा। अधिक यात्राएं होंगी। कार्य बाधा परेशान तो करेगी लेकिन अंत में कामयाबी आपके कदम चूमेगी। यात्रा देशाटन का पूरा आनंद मिलेगा। बेहतर रहेगा कि कोई भी बड़ा कार्य प्रारंभ करना हो तो ग्रहण के बाद अगले 24 घंटे तक के लिए टाल दें। मकर राशि के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और घर – परिवार में लड़ाई झगड़े हो सकते हैं. मकर राशि के लोग ग्रहण के दौरान सुंदरकांड का पाठ जरूर करें और काले तिल का भी दान करें.
इस राशि पर पड़ने वाला ग्रहण भी मिश्रित फल देगा। अधिक यात्राएं होंगी। कार्य बाधा परेशान तो करेगी लेकिन अंत में कामयाबी आपके कदम चूमेगी। यात्रा देशाटन का पूरा आनंद मिलेगा। बेहतर रहेगा कि कोई भी बड़ा कार्य प्रारंभ करना हो तो ग्रहण के बाद अगले 24 घंटे तक के लिए टाल दें। मकर राशि के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और घर – परिवार में लड़ाई झगड़े हो सकते हैं. मकर राशि के लोग ग्रहण के दौरान सुंदरकांड का पाठ जरूर करें और काले तिल का भी दान करें.
कुंभ
—
इस राशि के लिए ग्रहण का प्रभाव ग्यारहवें और बारहवें
भाव पर पड़ेगा, अत:
धैर्य और कुशल रणनीति से कार्य करने पर असफलता भी सफलता में बदल जाएगी। कोई भी नया
कार्य-व्यापार आरंभ करना चाहें तो अब अनुकूल समय आ चुका है। उसका सदुपयोग करें।कुंभ राशि के लोगों पर
भी चंद्र ग्रहण का बुरा असर हो सकता है. ग्रहण की वजह से कुंभ राशि के लोगों का
तनाव बढ़ सकता है. शारीरिक संबंधित मुश्किलें आ सकती हैं. ग्रहण के हर तरह से उपाय
से बचने के लिए कुंभ राशि के सूतक हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें.
मीन —
इस राशि के लिए यह ग्रहण दशम एवं एकादश भाव को प्रभावित करेगा, अत: स्थान परिवर्तन का योग बनेगा और आय के एक से अधिक साधन बनेंगे। अगले दो सप्ताह तक माता-पिता की सेहत का विशेष ध्यान रखें। मीन राशि के लोगों के चंद्र ग्रहण शुभ साबित हो सकता है. इस दिन इन राशि के लोगों का हर जगह से शुभ समाचार मिल सकते हैं. नौकरी और बिजनेस में तरक्की मिल सकती है. वहीं अपने दिन को और भी शुभ बनाने के लिए मीन राशि के लोग इस दिन विष्णु भगवान की पूजा जरूर करें और गरीब बच्चों में केले बांटें.
इस राशि के लिए यह ग्रहण दशम एवं एकादश भाव को प्रभावित करेगा, अत: स्थान परिवर्तन का योग बनेगा और आय के एक से अधिक साधन बनेंगे। अगले दो सप्ताह तक माता-पिता की सेहत का विशेष ध्यान रखें। मीन राशि के लोगों के चंद्र ग्रहण शुभ साबित हो सकता है. इस दिन इन राशि के लोगों का हर जगह से शुभ समाचार मिल सकते हैं. नौकरी और बिजनेस में तरक्की मिल सकती है. वहीं अपने दिन को और भी शुभ बनाने के लिए मीन राशि के लोग इस दिन विष्णु भगवान की पूजा जरूर करें और गरीब बच्चों में केले बांटें.
चंद्रग्रहण, गर्भवती महिलाएं रहें सावधान,
गर्भवती महिलाओं पर कैसा रहेगा प्रभाव
मान्याता यह है कि किसी भी ग्रहण असर सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं पर होता है क्योंकि ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा काफी ज्यादा रहती है। ज्योतिषाचार्यों द्वारा ग्रहण काल के दौरान गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। बाहर निकलना जरूरी हो तो गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे ग्रहण का प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर नहीं होगा। ग्रहण काल के दौरान यदि खाना जरूरी हो तो सिर्फ खानपान की उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनमें सूतक लगने से पहले तुलसी पत्र या कुशा डला गया हो। गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान चाकू, छुरी, ब्लेड, कैंची जैसी काटने की किसी भी वस्तु का प्रयोग न करें। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। इस दौरान सुई धागे का प्रयोग भी वर्जित है। ग्रहण काल के दौरान भगवान का नाम लेने के अलावा कोई दूसरा काम न करें।
चंद्र ग्रहण पर क्या करें
चंद्र देव की आराधना करना चाहिए यदि चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो 'ऊं चंद्राय
नम:' मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा।
प्राणायाम और व्यायाम करना चाहिए, सोच को सकारात्मक रखना चाहिए।
चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद घर में शुद्धता के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को स्नान करा कर उनकी पूजा करें।
To get a detailed report on the efects of Chandra Grahan on your personal Horoscope Talk to Astrologer Shyama Gurudev at 7620314972 or write to indiaastrologyfoundation@gmail.com
